भारतीय निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद स्थित स्टार्टअप 'स्काईरूट एयरोस्पेस' (Skyroot Aerospace) ने 60 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये) की नई फंडिंग जुटाकर 1.1 अरब डॉलर की वैल्यूएशन हासिल कर ली है। इसके साथ ही यह देश की पहली 'स्पेस-टेक यूनिकॉर्न' बन गई है। इस निवेश दौर का नेतृत्व दिग्गज निवेशक राम श्रीराम ने किया है, जो गूगल के शुरुआती निवेशकों में से एक रहे हैं।
इस फंडिंग राउंड में वैश्विक स्तर के बड़े नाम शामिल हुए हैं। दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक (BlackRock) अब स्काईरूट की हिस्सेदार बन गई है। इनके अलावा मौजूदा निवेशक जैसे सिंगापुर की जीआईसी (GIC), ग्रीनको ग्रुप के संस्थापक और आर्कम वेंचर्स ने भी अपना भरोसा दोहराया है। सन फार्मा के प्रमोटर्स और प्लेबुक पार्टनर्स के निवेश ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मजबूती दी है। अब तक स्काईरूट कुल 100 मिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी जुटा चुकी है।
कंपनी इस भारी-भरकम राशि का उपयोग अपने महत्वाकांक्षी 'विक्रम-1' (Vikram-1) रॉकेट प्रोग्राम को गति देने के लिए करेगी। स्काईरूट का लक्ष्य छोटे उपग्रहों (Small Satellites) के वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना है। कंपनी के सीईओ पवन कुमार चंदाना ने संकेत दिए हैं कि 'विक्रम-1' की लॉन्चिंग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जून के महीने में इसे श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष में भेजा जा सकता है। यह रॉकेट लगभग 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्वदेशी और विदेशी ग्राहकों के उपग्रहों को स्थापित करेगा। साल 2022 में देश का पहला निजी रॉकेट 'विक्रम-एस' लॉन्च कर इतिहास रचने वाली यह कंपनी अब स्पेस-एक्स जैसी वैश्विक कंपनियों को टक्कर देने की राह पर है।